Info about buying Gold-4

भारत की 38 बैंकें करती हैं सोने का आयात
38 banks in India import gold

सोना आयात करने  के नियम बड़े सख्तहैं। इसकी खरीदारी देश की शीर्ष एजेंसियों की निगरानी एवं नियंत्रण में होती है। इन एजेंसियों को इसी काम के लिए अधिकृत किया गया है। चोरी से विदेश से लाया सोना अक्सर एयरपोर्ट पर जब्त होता रहता है


Info-about-buying-Gold

कुछ लोगों के मन में यह प्रश्न उठ सकता है कि भारत में सोने की खपत इतनी ज्यादा
है तो इसकी पूर्ति कैसे होती होगी? हमारे यहां
सोने की कुछ खदानें हैं, जिनसे बहुत कम
मात्रा में उत्पादन होता है। यही कारण है कि
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना अन्य
देशों से खरीदता है। इनमें सात देश प्रमुख
हैं- अमेरिका, स्विट्जरलैंड, संयुक्त अरब
अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, घाना
तथा डोमिनिकल रिपब्लिक। इन देशों से सोना
खरीदने के लिए करीब 38 सरकारी एजेंसियां
कार्य करती हैं। इनमें प्रमुख हैं बैंक ऑफ
इंडिया, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा,
बैंक ऑफ नोवा स्कोटिया, कॉर्पोरेशन बैंक,
फेडरल बैंक लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक,
आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज
बैंक, इंडसइंड बैंक तथा कोटक महिंद्रा बैंक।
इन्हें सोने का आयात करने का अधिकार है। ये
बैंक सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत का हिसाब
लगाकर उसे भारत की मुद्रा में बदलते हैं, फिर उस पर आयात शुल्क लगाते हैं। विदेश से
खरीदने के बाद इस तरह इसका भारत में सोने
का भाव तय होता है।

भारत में सोने की खदानें


  • बाघमारा गोल्ड माइन, छत्तीसगढ़
  • गंजूर मैन प्रोजेक्ट, कर्नाटक
  • हर्टी (वर्तमान में सोना निकालने वाली एकमात्र खदान), उटी तथा हीरा, बुद्दिनी,कर्नाटक
  • जोनागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट, आंध्रप्रदेश


सामान्य तौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न

हॉलमार्किंग क्या है?
-कई देशों में उपयोग
किया जाने वाला यह एक
आधिकारिक चिह्न होता
है जो कीमती धातुओं की
शुद्धता की गारंटी कहलाता
है। भारत में सोना तथा चांदी
हॉलमार्किंग के दायरे में आते
हैं। खरीदार ठगे न जाएं, यही
इसका उद्देश्य है।
इसे कौन संचालित करता है?
- बीआईएस द्वारा संचालित योजना है यह पूरे देश में
अपने नेटवर्क के माध्यम से
चलाई जाती है। इस स्कीम में ज्वैलर को तय मापदंडों के
आधार पर कीमती धातु बेचने
का सर्टिफिकेट दिया जाता है।
इसकी वेबसाइट www.bis.org.in है।
हीरे आदि के क्या मार्क है?
-हीरे के आभूषण खरीदते
समय विश्व प्रसिद्ध
प्रयोगशालाओं जैसे
आईजीआई, एसजीएल और
एलओयू से प्रामाणिकता
प्रमाण- पत्र लेना चाहिए।
रत्नजड़ित गहने खरीदकर मैं
ठगा तो नहीं जाऊंगा?
-ज्वैलरी खरीदते समय पूछना चाहिए कि इस गहने में
कितना सोना लगा है, उसका
मूल्य क्या है। रत्न कितने
रुपए के हैं, यदि नगीनें लगे हैं
तो उनका मूल्य क्या है। वैट
और मेकिंग चार्ज कितना है
आदि। यह सब आप बिल में
लिखवाकर भी ले सकते हैं।
पुराने आभूषणों के मृल्य की
गणना कैसे करें?
इसे स्वर्ण परीक्षण
प्रयोगशाला में ले जाएं और
शुद्धता पता करें। वहां से
मिली रिपोर्ट बताएगी कि
आपका सोना कितना शुद्ध है।

Also Read : https://gyannology.blogspot.com/2020/04/facts-about-buying-gold-3.html

Facts about buying gold -3

 

Making charge is determined by fine work of jewelry

Facts-about-buying-gold

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की वेबसाइट के अनुसार 24 कैरेट सोने में भी सूक्ष्म रूप से मिलावट की जा सकती है। इसे 1,000 से दर्शाया  जाता है। 24 कैरेट सोने की शुद्धता को 1,000 में 999.9 माना जाता है।


सोने के सिक्के की खरीदारी गहनों से आसान होती है। सिक्कों पर 4 से 11 फीसदी तक मेकिंग चार्ज लिया जाता है। वहीं, गहनों पर यह चार्ज 8 से 25 फीसदी तक हो सकता है। यह चार्ज इस बात पर निर्भर करता है कि गहने

में कितना बारीक वर्क हुआ है, कितने नगीने लगे हैं, किस तरह की मीनाकारी की गई है तथा डिजाइन

कैसी बनाई गई है. आदि। यह भी समझें कि सभी गहनों की बनावट, कटिंग, फिनिशिंग अलग-अलग

होती है। मशीन से बने गहनों पर मेकिंग चार्ज कम क्योंकि यह साधारण बने होते हैं। वहीं, कारीगर 

द्वारा बनाए गए कठिन डिजाइन के गहनों पर यह शुल्क अधिक हो इ जाता है। प्रति ग्राम सोने के

हिसाब  से भी फ्लैट मेकिंग चार्ज लगता है। इसके लिए अलग-अलग आभूषण निर्माता अलग-अलग 

मेकिंग चार्ज वसूलते हैं तो कुछ कम भी कर देते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि इसका कोई खास पैमाना 

अभी तक गोल्ड इंडस्ट्री में तय नहीं है। यह भी ध्यान रखें कि आप ज्वैलर को सोना बेचने जाते हैं तो

वह मेकिंग चार्ज काटकर बाकी राशि लौटाता है। जबकि, वही ज्वैलर आपको गहने, सिक्के आदि बेचते

समय मेकिंग चार्ज अलग से वसूलता है। इस तरह उसे दो तरफा फायदा होता है। इसके अलावा 

आपने सोना जिस भाव से खरीदा, उससे कम भाव वर्तमान में है तो भी आपको हानि होगी। इससे

बचने के लिए आप हॉलमार्क वाला सोना खरीदें। इसका एक फायदा यह होगा कि आप सोना बेचने या 

रिप्लेस करने जाएंगे तो इसमें से डिप्रेसिएशन कॉस्ट नहीं काटी जाएगी।


पैकेजिंग : सोने के सिक्के टैम्पर प्रूफ पैकेजिंग में आते हैं। कई ज्वैलर्स
कुछ खरीदारों को सुझाव देते हैं कि इस पैकेजिंग से छेड़छाड़ न करें या इसे फाड़ा न जाए, ताकि इसे दोबारा आसानी से बेचा जा सके। इस पैकेजिंग को भी शुद्धता का सबूत माना जाता है।

गहने खरीदने से पहले यह जान लें

*अपने शहर की कई दुकानों से         सोना खरीद रहे हैं तो स्थानीय
सोने के दाम पता करें। आपको         जौहरी के अलावा ऑनलाइन
कितने कैरेट का सोना लेना है,          ई-टेलर्स, बैंकों, स्टॉक होल्डिंग
इस बारे में पहले से निर्णय कर         कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया,
लें। ध्यान रहे कि कैरेट के साथ         एमएमटीसी (सोने और चांदी
गहनों की गुणवत्ता और कीमत में      की बिक्री के लिए सरकार द्वारा
अंतर आता है। ऐसी दुकान से          अधिकृत सार्वजनिक क्षेत्र की
खरीदी करें जो घर के नजदीक हो       इकाई) और कुछ गैर-बैंकिंग से भी खरीद सकते हैं।
और जिस पर विश्वास हो।             * अगर सोने का सिक्का खरीद
* गहनों की कीमत विभाजित             रहे हैं तो असली-नकली की
करके देखें। यानी गहने की जो             पहचान उसकी खनक से भी
कीमत है, उसमें मेकिंग चार्ज              की जाती है। असली सिक्का
कितना और जीएसटी कितना              गिराने पर भारी आवाज करता है,
जोड़ा गया है आदि। गहने का              जबकि नकली सिक्के से लोहा
वजन जरूर देखें।                        गिरने जैसी आवाज आती है।
*यदि निवेश करने की दृष्टि से

Also read:- https://gyannology.blogspot.com/2020/04/something-about-buying-gold-1.html
                   https://gyannology.blogspot.com/2020/04/know-about-buying-gold-2.html


Know about Buying gold - 2

You can also buy gold in the form of bonds or e-golds

इस चमकीली धातु
की मांग जैसे-जैसे
बढ़ती है, इसके
Know-about-Buying-gold
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दाम 
आसमान छूने
लगते हैं, खासकर
शादी-ब्याह के
सीजन में। सोने के
बढ़ते दाम भी इसे
निवेश का उत्कृष्ट
माध्यम बनाते हैं।
सोने में निवेश करने
के अनेक तरीके हैं।
सोने को तरल मुद्रा भी कहा जाता है। यह निवेशकों को आपात स्थिति में,
  
जब उन्हें नकदी की जरूरत होती है, तब व्यापार
करने में मददगार होता है। सोने की ऊंची कीमत
यह बताती है कि इसकी मांग अन्य धातुओं से
ज्यादा है। इसे जब चाहें बेच और खरीद सकते
हैं लेन-देन में सोना मुद्रा का काम करता है।
दुनिया की कोई भी वस्तु या व्यापार सोने को
मुद्रा बनाकर किया जा सकता है। दुनिया में कैसी
भी परिस्थिति हो, इसका मूल्य हमेशा बना रहता
है। यह व्यक्ति के लिए संकटमोचक की भूमिका
भी निभाता है। यह वित्तीय अनिश्चितताओं से
बचा सकता है। इसके महत्व का अंदाजा ऐसे
भी लगा सकते हैं कि ज्यादातर देश अपने यहां
सोने के विशाल भंडार इसलिए रखते हैं, ताकि
किसी भी तरह की आर्थिक स्थिति से निपटने में
सोने का इस्तेमाल किया जा सके।

सोने में निवेश करने के तरीकेः कई माध्यमों
से सोने में निवेश कर सकते हैं जैसे-
फिजिकल गोल्ड, पेपर गोल्ड और ई-गोल्ड।
इसके अलावा इसे सिक्के, छड़, आभूषण,
बिस्कूट जैसे कई रूपों में खरीद सकते हैं। ई-गोल्ड, गोल्ड सेविंग अकाउंट, गोल्ड फंड, आदि के माध्यम से इसमें निवेश करने का
विकल्प भी खुला हुआ है।

पेपर गोल्ड: पेपर सोने का मतलब होता है।
कि सोना भौतिक रूप से आपके पास नहीं
है, लेकिन आप पेपर गोल्ड प्रमाण-पत्र जारी
करने वाली कंपनी के लेनदार हैं। आपका
सोना उस कंपनी के अधीन रहता है। इसमें
सभी तरह की जोखिम उस कंपनी की रहती
है। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF),
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGBs:) और
ई-गोल्ड विभिन्न प्रकार के पेपर गोल्ड हैं।
पेपर गोल्ड के अन्य उदाहरण हैं बैंकों और
टकसालों, पूल खातों, वायदा खातों और
एनवाईएसई द्वारा सूचीबद्ध एक्सचेंज-ट्रेडेड
फंड द्वारा जारी किए गए सोने के प्रमाण-पत्र।

म्यूचुअल फंड्सः गोल्ड म्यूचुअल फंड्स भी
है। इससे गोल्ड ईंटीएफ में निवेश करते हैं।
गोल्ड एमएफ (फंड ऑफ फंड) भी है जिसे
अंतरराष्ट्रीय सोने के खनन कंपनियों के शेयरों
में निवेश कर मुनाफा कमा सकते हैं।

शेयर से ज्यादा रिटर्न दियाः  वर्ष 2019 मे जिन
लोगों ने सोने में निवेश किया था, वे मालामाल
हो गए हैं। जनवरी से अगस्त तक सोने ने
25 फीसदी बंपर रिटर्न दिया था। सिर्फ एक
महीने यानी अगस्त में ही सोने ने 10 फीसदी
रिटर्न दे दिया है। इसके मुकाबले बॉम्बे स्टॉक
एक्सचेंज के प्रमुख इंडेक्स सेसेंक्स ने इस
दौरान महज दो फीसदी रिटर्न दिया है। सबसे
बड़ा फायदा यह है कि आप इसे जब चाहें
बाजार के मूल्य पर बेच सकते हैं।

सरकार भी बेचती है सोना

सरकार भी सोना बेचती है। डाकघर, बैंक से आप पांच, 10 और 20 ग्राम के सिक्के खरीद सकते हैं। इन सिक्कों के एक तरफ अशोक चक्र और दूसरी तरफ गांधीजी का चित्र होता है। चूंकि आप सरकार से सिक्के खरीद रहे हैं, इसलिए शुद्धता की गारंटी रहती है। इसके अलावा अमेजन इंडिया, पेटीएम और स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स तो घर बैठे ऑनलाइन सिक्के खरीदने का विकल्प देती हैं।

Also read:- Something you have to Know about buying Gold-1


Something about buying gold - 1

 

Gold is the companion of prosperity, purity and bad times 

about-buying-gold-biscuit

Gold is considered a symbol of prosperity and Lakshmi. It is not only worn as jewelry, but it also proves to be helpful for Indians in times of financial troubles. We have had a tradition of buying gold here for generations for economic strength.

Gold consumption in India from other countries

Is too much. Jewelry, coins, at major festivals

This luminous as biscuits, rods, brick the metal is retained.

For Indians this yellow metal attracts so much.

That a person of any class and community can call it

Cannot stop buying. world

It is considered to be the most reputed metal in India. this

It is also an excellent way to invest which is

In any kind of financial problem, your

Helps. In all types of properties

Nobody is more precious than gold. This in inflation

The armor is there for you, at the time of risk

As a currency that moves around the world

Also works. Indians with gold

There has been a traditional close relationship. Our ancestor jewelry

Used to make gold and invest in it. the same

Keep jewelry safe for the next generation

Used to go. Unlike other countries, gold imports in India are high, as it is considered ideal to give gold as a gift on all major occasions.

This is why you invest in gold

Gold prices have been steadily increasing over the past few years. In view of this, investment of gold

Has become an excellent refinement. Financial organizations deposit gold and gold for customers

Certificates have also been launched. Some people do not want to buy gold physically, but it

Want to invest in it for higher returns. We are mentioning some points that make gold an excellent investment reason.

Keep it strong at the time of inflation:

Investing in gold acts as a safeguard against inflation. No matter how much the rupee is depreciated, the price of gold does not decrease. Gold is the only element that maintains its value and protects against inflation. Its prices tend to be highest during the period of inflation. For example- if the performance of the equity market is poor then gold performs well. Your Investment Portfolios

It would be better for you to consider gold as an investment option.

Risk Balancing: It helps in balancing the risks. Gold investment is a safety net against market volatility. The value of gold is in contrast to traditional financial investments like stocks.


Price increased 10 times in 25 years

You can understand how beneficial it is to invest in gold, 25 years ago in 1993, its price was 4 thousand 140 rupees per 10 grams. Today in 2019, its price is Rs 38 thousand 600 per 10 grams. This shows how profitable investment in gold is.

सोने को समृद्धि व लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे केवल गहनों के रूप में पहना नहीं जाता है, बल्कि भारतीयों के लिए यह आर्थिक परेशानी के समय मददगार भी साबित होता है। आर्थिक मजबूती के लिए पीढ़ियों से हमारे यहां सोना खरीदने की परंपरा रही है।
भारत में सोने की खपत अन्य देशों से
ज्यादा है। प्रमुख त्योहारों पर गहनों, सिक्कों,
बिस्कीट, छड़, इंट के रूप में इस चमकीली
धातु को सहेजकर रखा जाता है। भारतीयों
को यह पीली धातु इतनी आकर्षित करती है।
कि किसी भी वर्ग व समुदाय का व्यक्ति इसे
खरीदने से को रोक नहीं पाता है। दुनिया
में इसे सबसे प्रतिष्ठित धातु माना जाता है। यह
निवेश करने का एक उत्कृष्ट माध्यम भी है जो
किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी में आपकी
सहायता करता है। सभी तरह की संपत्तियों में
गोल्ड से कीमती कोई नहीं। मुद्रास्फीति में यह
आपके लिए कवच तो है ही, जोखिम के वक्त
ये दुनियाभर में चलने वाली मुद्रा के रूप में
भी काम करता है। भारतीयों का सोने के साथ
परंपरागत घनिष्ठ संबंध रहा है। हमारे पूर्वज गहने
बनाकर सोने में निवेश करते थे। वही
गहने आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखे
जाते थे। अन्य देशों के विपरीत भारत में सोने का आयात अधिक है, क्योंकि सभी प्रमुख अवसरों पर गिफ्ट के रूप में सोने की वस्तु देना आदर्श माना जाता है।
इसलिए करते हैं सोने में निवेश
पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए सोना निवेश का
एक उत्कृष्ट सोधन बन गया है। वित्तीय संगठनों ने ग्राहकों के लिए गोल्ड जमा और सोने के
प्रमाण-पत्र भी लॉन्च किए हैं। कुछ लोग भौतिक रूप से सोना खरीदना नहीं चाहते, लेकिन इसे
अधिक रिटर्न के लिए इसमें निवेश करना चाहते हैं। हम कुछ बिंदु बता रहे हैं जो सोने को एक उत्कृष्ट निवेश कारण बनाते हैं।

मुद्रास्फीति के समय मजबूत रखे।

सोने में निवेश मुद्रास्फीति के खिलाफ आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। रुपए का कितना भी अवमूल्यन हो जाए, सोने के दाम नहुत कम नहीं होते। सोना एकमात्र ऐसा तत्व है जो अपना मूल्य बनाए रखता है और मुद्रास्फीति से बचाता है। मुद्रास्फीति की अवधि में इसके दाम उच्चतम हो जाते हैं। उदाहरण के लिए- यदि इक्विटी बाजार  का प्रदर्शन खराब है तो सोने का प्रदर्शन अच्छा रहता है। आपके निवेश पोटफोलियेों
में निवेश के किकल्प के रूप में सोने पर विचार करना आपके के लिए बेहतर रहेगा।

➤जोखिम संतुलन : यह जोखिमों को संतुलित करने में मदद करता है। सोने का निवेश बाजार की अस्िरता के खिलाफ एक सुरक्षा जाल है। सोने का मूल्य शेयरों की तरह पारंपरिक वित्तीय निवेशों के विपरीत है।

25 वर्ष में 10 गुना बढ़े दाम
सोने में निवेश करना कितना फायदेमंद होता है, यह आप ऐसे समझ सकते हैं कि 25 वर्ष पहले 1993 में इसके दाम 4 हजार 140 रुपए प्रति 10 ग्राम थे। आज 2019 में इसके दाम 38 हजार 600 रुपए प्रति 10 ग्राम हैं। इससे पता चलता है कि सोने में निवेश कितना लाभदायक है।



First aid in electric shock

 

Use 3 pin socket instead of 2 pin
First-aid-in-electric-shock

When someone feels a current, then his power of thinking and understanding disappears for some time. If something similar happens around you too, then know how to help the victim in this article.


For every job in today's lifestyle

Electrical appliances are required.

If you do not pay attention, then we will be present in a hurry

Fall prey to When someone

If it is present, then he clings to it.

Or the current throws him away. By sticking

The current flows in the body causing nervousness

The system is affected. It causes pain,

Headache, tingling, weakness, breathing

Trouble, beats and mental illnesses like

There can be many side effects. Two types of current

There is a direct current (DC) and

Second Alternating Current (AC). DC's

It is difficult to avoid being hit,

While life can be saved in AC. In homes

AC current is used, but also

Is fatal While working in factories,

Open dp, from battery of car truck or tractor

We have more than transformers and broken wires

Voltage can be instantiated. Many times

If the person dies, sometimes he is in serious form

Gets scorched by What to do in such a situation

If you want to know about it, then you

Can give first aid to the victim.


Do it when an electric shock occurs

First-aid-in-electric-shock
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➤ Keep in mind that the current is touched by touching it

Turn off the power supply first. Turn on again

Wood or to remove the person from there

Use something plastic.

➤112 or 108 for ambulance or your

Call the local emergency number.

Check the breath of the victim till the ambulance arrives

Breathe the unconscious person through your mouth. his

Restore the heart by pumping on the chest. Personal

Lying upright, lift the legs up.

➤Many times that part was numb from the current

May be paralyzed. So not fainting

Continue health treatment even when you arrive.

➤ Keeping in mind the cardiac exposure to electricity

May be arrested.

➤A person of identical power scorched

May be injured, may die.

➤ Avoiding high voltage current

Is difficult. So in such a case without

Give delayed medical treatment.

* With water, spread on the wet area

Is fatal

* Keep the wiring check of the house in 2-3 years.

* The rubber on the switch board if the little raw is in the house

Keep it covered.

* CT scan, urin in case of severe condition

, X-ray, ECG and blood tests Does matter.

➤Alternating current used today

Place is being done, but some such works

Are where DC is required.

➤Alternating to charge the battery

Let's convert the current to direct current, but

In many places we have to return to direct current

Alternating current has to be changed.

* Three pins instead of two pin sockets

Keep, because it causes the current

The risk is much less.

➤Even if a three pin plug is installed

Keep checking periodically. Take care

None of its three wires are defective.

➤If there is a power outage somewhere

If visible, you should stay away from it and

The electricians should be informed immediately.

{hindi:-}

2 पिन की जगह 3 पिन वाले सॉकेट इस्तेमाल करें

जब किसी को करंट लगता है तो उसके सोचने- समझने की शक्ति कुछ समय के लिए खत्म हो जाती है। अगर आपके आसपास भी कुछ ऐसी घटना होती दिखे तो पीड़ित की मदद किस तरह करनी चाहिए, जानिए इस लेख में।

आज की लाइफ स्टाइल में हर काम के लिए

बिजली के उपकरणों की जरूरत पड़ती है।

ध्यान न रहने पर तो कभी हड़बड़ी में हम करंट

के शिकार हो जाते हैं। किसी व्यक्ति को जब

करंट लगता है तो वह उससे चिपक जाता है।

या करंट उसे दूर फेंक देता है। चिपकने से

करंट शरीर में बहता रहता है जिससे नर्वस

सिस्टम प्रभावित होता है। इसके कारण दर्द,

सिरदर्द, झनझनाहट, कमजोरी, सांस लेने में

परेशानी, धड़कन रुकना व मानसिक रोग जैसे

कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। करंट दो तरह के

होते हैं, एक डायरेक्ट करंट (डीसी) तथा

दूसरा अल्टरनेटिंग करंट (एसी)। डीसी की

चपेट में आने पर बचना मुश्किल होता है,

जबकि एसी में जान बच सकती है। घरों में

एसी करंट इस्तेमाल होता है, लेकिन यह भी

घातक है। कारखानों में काम करने के दौरान,

कार ट्रक या ट्रैक्टर की बैटरी से, खुली डीपी,

ट्रांसफार्मर तथा टूटे पड़े तारों से हमें अधिक

वोल्ट का कुरंट लग सकता है। इससे कई बार 

व्यक्ति की मौत हो जाती है तो कभी गंभीर रूप

से झुलस जाते हैं। ऐसी स्थिति में क्या करना

चाहिए, इसकी जानकारी आपको है तो आप

पीड़ित को प्राथमिक उपचार दे सकते हैं।

बिजली का झटका लगने पर यह करें

➤ध्यान रखें, जिसे करंट लगा है उसे छूने  से

पहले पावर सप्लाई बंद कर दें। फिर करंट लगे

व्यक्ति को वहां से हटाने के लिए लकड़ी या

प्लॉस्टिक की किसी चीज का इस्तेमाल करें।

➤एंबुलेंस के लिए तुरंत 112 या 108 या अपने

स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।

पीड़ित की सांस चेक करें, एंबुलेंस आने तक

बेहोश व्यक्ति को अपने मुंह से सांस दें। उसके

सीने पर पंपिंग कर धड़कन बहाल करें। व्यक्ति

को सीधा लिटाकर पैरों को ऊपर उठा दें।

➤करंट से कई बार वह हिस्सा सुन्न या

लकवाग्रस्त हो सकता है। इसलिए बेहोशी न

आने पर भी हेल्थ ट्रीटमेंट जारी रखें।

ध्यान रखने वाली बात

➤बिजली के संपर्क में आने से कार्डियक

अरेस्ट हो सकता है।

➤आसमानी बिजली के व्यक्ति झुलसकर

घायल हो सकता है, मर सकता है।

➤ हाई वोल्टेज करंट की चपेट में बचना

मुश्किल होता है। इसलिए ऐसे केस में बगैर

देरी के मेडिकल ट्रीटमेंट दें।

* पानी से, गीले स्थान पर फैला करट

जानलेवा होता है ।

* 2-3 वर्ष में घर की वायरिंग चेक कराते रहें।

* छोटे चच्चे घर में हैं तो स्विच बोर्ड पर रबर

को कवर लगकर रखें।

* गभीर रिथिति होने पर सीटी स्कैन, यूरिन

, एक्स-ray, ईसीजी तथा ब्लड टेस्ट करना

पड़ता है।

➤अल्टरनेटिंग करंट का इस्तेमाल आज हर

जगह किया जा रहा है, लेकिन कुछ ऐसे काम

हैं जहां डीसी की ही जरूरत होती है।

➤बैटरी को चार्ज करने के लिए अल्टरनेटिंग

करंट को डायरेक्ट करंट में बदल लेते हैं लेकिन

कई जगह हमें डायरेक्ट करंट को वापिस

अल्टरनेटिंग करंट में बदलना पड़ता है।

* दो पिन वाले सॉकेट के बजाय तीन पिन

वाला रखें, क्योंकि इससे करंट लगने का

खतरा काफी कम होता है।

➤तीन पिन वाला प्लग लगा है तो भी इसकी

समय-समय जांच कवाते रहें। ध्यान रखें

इसके तीन में से कोई भी तार खराब न हो।

➤यदि बाहर कहीं बिजली का तार टुटा पड़ा

दिखाई दे तो उससे दूर ही रहना चाहिए और

तुरंत बिजली वालों को सूचित करना चाहिए।

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Road Accident Prevention-2

Road accident prevention-2

Do not drive at night if you are going on a long journey

Road-accident-prevention

If you have an accident in front of you, treat the people with sympathy. It is everyone's responsibility to take time to help them. Reach the injured as soon as possible to the hospital, because arriving on time can save their lives.
The driver of the vehicle never wants to get into an accident or he himself gets into an accident, but there are accidents.
According to a study, most of the road accidents occur at night or between 3 to 5 pm. The reason for this is that it is the time when sleep dominates the person.
Professional drivers walking on long routes at night complete sleep during the day. Many times, they fail due to lack of sleep. If you are going on a long journey by car with family then try not to drive at night. By doing this, you can dominate your sleep. Also, the constant headlights of vehicles can distract you. It is better not to take any risk with the family and spend the night in a hotel on the high-way. If you are driving any kind of vehicle, do not drive if you feel tired. This can put your and other people's lives in danger.
 

Do it in a road accident

➧If you see someone crashed, then definitely help him. Call the ambulance, inform the police. If the accident is large, collect the people nearby and help the injured.
➧Till the ambulance arrives, tie the injured ones with cloth and bandage them on the wound. If someone is unconscious, then check his pulse and pump it on the chest. If necessary, give it a breath through the mouth.
➧ Moving on some highways
Emergency units are available. Their
Keep the number with you, inform them.
 

This way can also bring awareness

➧ Organize a camp through your community or society in which to explain how to avoid a road accident. Seek the help of an expert for this.
➧ Wedding-marriage, school-college, on annual festival
Even during the public festival to be held
Bring awareness by having a small session.
➧ There are many people who do not have a driving license. If you are aware of this, then motivate them to get a license.
➧ Keep discussing overtake topics with your acquaintances or in the office often. In this way also you can fulfill your duty.
 

Place first aid box

Keep a first aid box in your two or four wheeler. It can also be used in case of another accident. It includes bandages, crepe bandages, surgical tape, small scissors, a lot of cotton , antiseptic wipes, antiseptic lotions and creams, painkillers, antibacterials
Keep cream, soap, Savlon or Dettol, thermometer etc.

{HINDI:-}
अगर आपके सामने कोई दुर्घटना होती है तो पीड़ित लोगों से सहानुभूति के साथ पेश आएं। यह सबकी जिम्मेदारी है कि वे वक्त निकालकर उनकी मदद करें। जहां तक संभव हो घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर पहुंचने से उनकी जान बच सकती है।
वाहन चलाने वाला कभी नहीं चाहता कि उससे कोई दुर्घटना हो जाए या वह खुद दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, लेकिन फिर भी हादसे हो जाते हैं।
एक स्टडी के अनुसार ज्यादातर सड़क हादसे रात में होते हैं या अलसुबह 3 से 5 बजे के बीच। इसका कारण यह है कि यह वह समय होता है जब व्यक्ति पर नींद हावी होती है। 
रात में लंबे रूट पर चलने वाले प्रोफेशनल ड्राइवर दिन में नींद पूरी कर लेते हैं। कई बार नींद पूरी नहीं होने पर उनसे दुर्घटना हो जाती है । यदि आप परिवार सहित कार से लंबी यात्रा पर जा रहे हैं तो कोशिश करें कि रात में ड्राइव न करना पड़े। ऐसा करने पर आप पर नींद हावी हो सकती है। साथ ही वाहनों की लगातार पड़ने वाली तेज हेड लाइट्स आपको विचलित कर सकती है। बेहतर होगा कि परिवार के साथ कोई रिस्क न लें और हाई-वे पर किसी होटल में रात गुजारें। आप किसी भी तरह का व्हीकल चला रहे हों, यदि थका हुआ महसूस करें तो ड्राइव न करें। इससे आपका और अन्य लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। 
 
सड़क दुर्घटना में यह करें

➧यदि आप किसी को दुर्घटनाग्रस्त देखें तो उसकी मदद जरूर करें। एम्बुलेंस को फोन करें, पुलिस को सूचना दें। यदि दुर्घटना बड़ी है तो आसपास के लोगों को एकत्र कर घायलो की मदद करें।
➧जब तक एम्बुलेंस न आ जाए आप गंभीर घायलों को कपड़ा आदि बांधकर घाव पर पट्टी करें। कोई बेहोश है तो उसकी नब्ज चेक कर सीने पर पंपिंग करें। जरूरत पड़ने पर मुंह से उसे सांस दें।
➧कुछ राजमार्गों पर चलती-फिरती
आपातकालिक यूनिटें उपलब्ध रहती हैं। उनके
नंबर अपने पास रखें, उन्हें सूचना दें।
 
इस तरह भी ला सकते हैं जागरूकता

➧अपनी कम्युनिटी या समाज के माध्यम से शिविर आयोजित कराएं जिसमें सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए समझाया जाए। इसके लिए किसी एक्सपर्ट की मदद लें।
➧शादी-ब्याह, स्कूल-कॉलेज, वार्षिकोत्सव पर
होने वाले सार्वजनिक महोत्सव के दौरान भी
एक छोटा सा सेशन रखकर जागरूकता लाएं।
➧बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता। आपको इसकी जानकारी है तो उन्हें लाइसेंस बनवाने के लिए प्रेरित करें।
➧अपने परिचितों के साथ या ऑफिस में अक्सर ओवरटेक के टॉपिक पर चर्चा करते रहें। इस तरह भी आप अपना फर्ज निभा सकते हैं।
 
फर्स्ट एड बॉक्स रखें
अपने टू या फोर व्हीलर में फर्स्ट एड बॉक्स जरूर रखें। यह किसी अन्य के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसके भी काम आ सकता है।इसमें बैंडेज, क्रेप पट्टियां,सर्जिकल टेप, छोटी कैंची,काफी रुई, एंटीसेप्टिक पोंछे, एंटीसेप्टिक लोशन और क्रीम, दर्द निवारक दवा, जीवाणुरोधी
क्रीम, साबुन, सैवलॉन या डेटॉल, थर्मामीटर आदि रखें।

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Road accident prevention tips-1

Only by following the rules can you avoid road accidents

Road-accident-prevention-tips

In the process of arriving early, we often do our own harm. An accident happens as soon as a little attention is lost. In most cases we ourselves are responsible for road accidents. Caution can only be used to avoid this.
 India has the highest number of road accidents in the world. The number of people who lost their lives and got injured in road accidents is also high here. It can be understood that out of the total number of road accidents in the world, 10% occur in India. In our country, about half of the people who die in road accidents are bike riders, cyclists and pedestrians. According to research on accidents, in 50% of our deaths, the lives of people could have been saved or saved, if a little care had been taken. In some cases it is not your fault, yet you fall victim to an accident due to someone else's fault. Most people know the rules of traffic. They are aware of what is being written here, yet they do not follow it. According to a report, youth are at the forefront in breaking the rules and most of the accidents are caused by the negligence of the drivers and non-compliance of the rules.
 
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  •  All people follow traffic rules. While driving, keep full attention on the road. Do not brainstorm unnecessarily.
  •  The first lesson can be given from home. Families instruct their children to follow traffic rules before performing vehicle handover.
  •  In addition to teaching children, elders should follow it and use helmets and seat belts.
  •  You do not cross the red light, if someone else does it, then try to convince them.
  •  Due to those going to school and office, there is a lot of crowd on the road from morning till 12 noon. You will also be in a hurry to reach the office, so leave the house a few minutes before. Do not talk on mobile while driving. If necessary, stop and talk on the roadside.
  •  Drunk, do not drive in the fog. Use dipper in headlight. Your strong light will make the person in front of you an accident.
  •  Do not drive rough with a horn of horns in hospitals, schools and crowded places. You will be safe due to this, but pedestrians can get injured. 
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There are many factors that are not under our control such as pits, broken-
Footy roads, open manholes, inclement weather, stray animals, roads
Encroachment on, street lights etc. Extra caution in this case
Our responsibility to drive with it increases.
[HINDI :-]
जल्दी पहुंचने के चक्कर में हम लोग कई बार अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। जरा सा ध्यान भटकते ही दुर्घटना हो जाती है। ज्यादातर मामलों में सड़क दुर्घटनाओं के जिम्मेदार हम खुद होते हैं। इससे बचने में सावधानी ही काम आ सकती है।
 दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। सड़क हादसों में जान गंवाने और घायल होने वालों की संख्या भी हमारे यहां ही ज्यादा है। इसे यूं समझ सकते हैं कि दुनियाभर में जितनी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उसमें से 10 फीसदी भारत में होती हैं। हमारे देश में सड़क हादसों में मरने वालों में लगभग आधे लोग बाइक सवार, साइकिल सवार तथा पैदल चलने वाले राहगीर होते हैं। हादसों पर हुए शोध के अनुसार हमारे यहां होने वाली मौतों में से 50 फीसदी मामलों में लोगों की जान बच सकती थी या बचाई जा सकती थी, यदि थोड़ी भी सावधानी बरती जाती। कुछ मामलों में आपकी गलती नहीं होती फिर भी आप किसी और की गलती के कारण दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। ज्यादातर लोग ट्रैफिक के नियमों को जानते हैं। यहां जो लिखा जा रहा है, उसके बारे में उन्हें पता है, फिर भी वे इसका पालन नहीं करते। एक रिपोर्ट के अनुसार नियम तोड़ने में युवा सबसे आगे हैं और ज्यादातर दुर्घटनाएँ चालकों की लापरवाही तथा नियमों का पालन नहीं करने के कारण होती हैं।


  • सभी लोग ट्रैफिक रूल्स का पालन करें। ड्राइव करते समय पूरा ध्यान सड़क पर रखें। बेवजह का विचार मंथन न करें।
  • पहली सीख घर से दी जा सकती है। परिजन अपने बच्चों को व्हीकल हैंडओवर करने से पहले ट्रैफिक नियमों का पालन करने की हिदायत दें।
  • बच्चों को सीख देने के साथ ही बड़े भी उस पर अमल करें और हेलमेट तथा सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।
  • आप रेड लाइट पार न करें, कोई और ऐसा करता है तो उसे समझाने की कोशिश करें।
  • स्कूल तथा ऑफिस जाने वालों के कारण सुबह से दोपहर 12 बजे तक रोड परज्यादा भीड़ रहती है। आपको भी ऑफिस पहुंचने की जल्दी होगी, इसलिए कुछ मिनट पहले घर से निकलें। ड्राइविंग के समय मोबाइल पर बात न करें। बहुत जरूरी हो तो सड़क किनारे रुककर बात करें।
  • नशे में, कोहरे में ड्राइव न करें। हेडलाइट में डिपर इस्तेमाल करें। आपकी तेज रोशनी से सामने वाला हादसे का शिकार हो जाएगा।
  • अस्पताल, स्कूल तथा भीड़ वाले स्थानों पर कर्कश हॉर्न के साथ रफ ड्राइविंग न करें। इससे आप तो सेफ रहेंगे, लेकिन पैदल यात्री घायल हो सकते हैं।

ऐसे कई कारक हैं जो हमारे नियंत्रण में नहीं हैं जैसे कि गड्ढे, टूटी-
फूटी सड़कें, खुले मेनहोल, खराब मौसम, आवारा जानवर, सड़क
पर अतिक्रमण, बंद स्ट्रीट लाइट आदि। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी
के साथ ड्राइव करने की हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

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