भारत की 38 बैंकें करती हैं सोने का आयात
38 banks in India import gold
सोना आयात करने के नियम बड़े सख्तहैं। इसकी खरीदारी देश की शीर्ष एजेंसियों की निगरानी एवं नियंत्रण में होती है। इन एजेंसियों को इसी काम के लिए अधिकृत किया गया है। चोरी से विदेश से लाया सोना अक्सर एयरपोर्ट पर जब्त होता रहता है
कुछ लोगों के मन में यह प्रश्न उठ सकता है कि भारत में सोने की खपत इतनी ज्यादा
है तो इसकी पूर्ति कैसे होती होगी? हमारे यहां
सोने की कुछ खदानें हैं, जिनसे बहुत कम
मात्रा में उत्पादन होता है। यही कारण है कि
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना अन्य
देशों से खरीदता है। इनमें सात देश प्रमुख
हैं- अमेरिका, स्विट्जरलैंड, संयुक्त अरब
अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, घाना
तथा डोमिनिकल रिपब्लिक। इन देशों से सोना
खरीदने के लिए करीब 38 सरकारी एजेंसियां
कार्य करती हैं। इनमें प्रमुख हैं बैंक ऑफ
इंडिया, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा,
बैंक ऑफ नोवा स्कोटिया, कॉर्पोरेशन बैंक,
फेडरल बैंक लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक,
आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज
बैंक, इंडसइंड बैंक तथा कोटक महिंद्रा बैंक।
इन्हें सोने का आयात करने का अधिकार है। ये
बैंक सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत का हिसाब
लगाकर उसे भारत की मुद्रा में बदलते हैं, फिर उस पर आयात शुल्क लगाते हैं। विदेश से
खरीदने के बाद इस तरह इसका भारत में सोने
का भाव तय होता है।
भारत में सोने की खदानें
- बाघमारा गोल्ड माइन, छत्तीसगढ़
- गंजूर मैन प्रोजेक्ट, कर्नाटक
- हर्टी (वर्तमान में सोना निकालने वाली एकमात्र खदान), उटी तथा हीरा, बुद्दिनी,कर्नाटक
- जोनागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट, आंध्रप्रदेश
सामान्य तौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न
हॉलमार्किंग क्या है?-कई देशों में उपयोग
किया जाने वाला यह एक
आधिकारिक चिह्न होता
है जो कीमती धातुओं की
शुद्धता की गारंटी कहलाता
है। भारत में सोना तथा चांदी
हॉलमार्किंग के दायरे में आते
हैं। खरीदार ठगे न जाएं, यही
इसका उद्देश्य है।
इसे कौन संचालित करता है?
- बीआईएस द्वारा संचालित योजना है यह पूरे देश में
अपने नेटवर्क के माध्यम से
चलाई जाती है। इस स्कीम में ज्वैलर को तय मापदंडों के
आधार पर कीमती धातु बेचने
का सर्टिफिकेट दिया जाता है।
इसकी वेबसाइट www.bis.org.in है।
हीरे आदि के क्या मार्क है?
-हीरे के आभूषण खरीदते
समय विश्व प्रसिद्ध
प्रयोगशालाओं जैसे
आईजीआई, एसजीएल और
एलओयू से प्रामाणिकता
प्रमाण- पत्र लेना चाहिए।
रत्नजड़ित गहने खरीदकर मैं
ठगा तो नहीं जाऊंगा?
-ज्वैलरी खरीदते समय पूछना चाहिए कि इस गहने में
कितना सोना लगा है, उसका
मूल्य क्या है। रत्न कितने
रुपए के हैं, यदि नगीनें लगे हैं
तो उनका मूल्य क्या है। वैट
और मेकिंग चार्ज कितना है
आदि। यह सब आप बिल में
लिखवाकर भी ले सकते हैं।
पुराने आभूषणों के मृल्य की
गणना कैसे करें?
इसे स्वर्ण परीक्षण
प्रयोगशाला में ले जाएं और
शुद्धता पता करें। वहां से
मिली रिपोर्ट बताएगी कि
आपका सोना कितना शुद्ध है।
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