Insight View: Sainik School


छठी व नौवीं कक्षा से होता है सैनिक स्कूलों में प्रवेश     

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भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री वी.के. कृष्ण मेनन ने 1961 में सैनिक

स्कूलों की परिकल्पना की थी। इसका उद्देश्य था कि छात्र यहां पढ़कर हमारी

जल-थल-नभ सेनाओं में सीधे प्रवेश कर सकें।

देशभर के सैनिक स्कूल, रक्षा मंत्रालय के तहत 'सैनिक स्कूल सोसायटी' द्वारा संचालित

किए जाते हैं। इसका मकसद हमारी रक्षा अकादमियों में होने वाली भर्ती में क्षेत्रीय

असंतुलन से छुटकारा पाना था। इसके अलावा इन स्कूलों के माध्यम से ऐसे युवाओं को

चुनना था जो यहां से निकलकर देश की सेवा में भागीदार बन सकें। इन स्कूलों में प्रवेश लेने

के लिए कुछ शर्ते हैं। जैसे कि सैनिक स्कूलों में सिर्फ लड़कों को प्रवेश दिया जाता है। यदि

आप अपने बेटे का सैनिक स्कूल में दाखिला करवाना चाहते हैं तो उसके छठी व नौवीं कक्षा

में पढ़ने के दौरान ही प्रवेश दिला सकते हैं। इस दौरान बच्चे की आयु 10 से 12 वर्ष और

13 से 15 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सैनिक स्कूल सोसायटी द्वारा प्रति

वर्ष प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय नौसेना

अकादमी (INA) के आज पूरे भारत में ऐसे 33 स्कूल हैं। ये स्कूल संबंधित राज्य सरकारों

और रक्षा मंत्रालय के दायरे में आते हैं। अधिक जानकारी सैनिक स्कूल से प्राप्त करें।

 प्रवेश परीक्षा हर साल जनवरी में

सैनिक स्कूल में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा हर साल जनवरी में होती है।

सैनिक स्कूल सोसाइटी या सैनिक स्कूल एडमिशन की आधिकारिक वेबसाइट

www.sainikschooladmission.in पर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी

कर सकते हैं।

इंग्लिश मीडियम के आवासीय स्कूल

👉सैनिक स्कूल पूरी तरह से आवासीय तथा इंग्लिश मीडियम के स्कूल होते हैं।

👉इन स्कूलों में सीबीएसई, नई दिल्ली से संबद्ध पाठ्यक्रम द्वारा पढ़ाया जाता है।

👉प्रत्येक स्कूल में फैकल्टी की कोई कमी नहीं होती है। यहां सभी तरह का प्रशिक्षण देने

 के लिए व्यापक बुनियादी ढांचा और जमीन है, ताकि कैडेट्स को अनुकूल वातावरण में

 ढाला जा सके।

 सैनिक स्कूल खोलने के उद्देश्य

• समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चों को राष्ट्र के सशस्त्र बलों और

अन्य प्रसिद्ध व्यवसायों में एक अधिकारी के रूप में शानदार कॅरियर बनाने में सक्षम

बनाता है। यह स्कूल कैडेटों के सर्वांगीण विकास पर जोर देता है।

• यहां छात्रों को देश की रक्षा सेवाओं में अधिकारियों के रूप में नेतृत्व करने के लिए

तैयार किया जाता है।

• छात्रों में शरीर, मन और चरित्र के गुण यहां विकसित किए जाते हैं, ताकि आज के

छात्र कल के अच्छे और उपयोगी नागरिक बन सकें। साथ ही वे अपने माता-पिता और

राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकें।

• ग्रामीण बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उनमें देशप्रेम की

भावना जगाना। गरीब परिवार के बच्चे यदि वे टैलेंटेड हैं तो उन्हें हर तरह की सहायता

कर आगे बढ़ाना।

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सनिक स्कूलों में भी मिलता है आरक्षण का लाभ 

 जब आप ऑनलाइन फॉर्म भरें तो अपने सभी दस्तावेजों की कॉपी स्कैन कर उन्हें

पीडीएफ फॉर्मेट में एक फोल्डर में रख लें। किसी अन्य फॉर्मेट में कॉपी न बनाएं।

इसके बाद इन्हें क्रमानुसार अपलोड करें।

 सनिक स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया बहुत ज्यादा कठिन नहीं है। प्रवेश परीक्षा में गणित,

अंग्रेजी व सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे जाते हैं।इसके बाद मौखिक परीक्षा होती है। शारीरिक

माप लिया जाता है और मेडिकल चेकअप में पास होने के बाद आप सैनिक स्कूल के छात्र

बन सकते हैं। कक्षा छठी के लिए लिखित परीक्षा 300 अंक की और कक्षा नौ के लिए

400 अंक की निर्धारित है। सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए मेरिट सूची उम्मीदवारों द्वारा

प्राप्त अंकों के आधार पर बनाई जाती है। यदि कई छात्रों के कुल अंक समान होते हैं तो

गणित के अंकों के आधार पर मैरिट बनेगी। यदि यहां भी टाई है, तो कक्षा नौ के लिए

अंग्रेजी के अंक और कक्षा छठी के लिए इंटेलिजेंस टेस्ट लिया जाता है और उसके बाद

कक्षा नौ के लिए सामान्य विज्ञान और कक्षा छह के लिए भाषा के अंक जोड़े जाते हैं। अगर

वहां कोई टाई है तो भी कम उम्र के उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। लिखित परीक्षा में

प्राप्त अंक अंतिम मेरिट सूची में उम्मीदवार की स्थिति निर्धारित करते हैं।

जिस राज्य में स्कूल है वहां के बच्चों के लिए अधिक सीटें

 इन स्कूलों में भी आरक्षण का लाभ दिया जाता है। रक्षा सेवा कर्मी और भूतपूर्व सैनिकों

के बच्चों के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 25% और कुल 40% तक लाना अनिवार्य

है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के मामले में न्यूनतम योग्यता

मानकों की आवश्यकता नहीं होती है। इन श्रेणियों के लिए प्रवेश परीक्षा में ऐसे छात्रों को

मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। कुल सीटों में से 15% अनुसूचित जाति के लिए

और करीब 7% सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। शेष में से 67% सीटें

उस राज्य के बच्चों के लिए आरक्षित हैं, जिसमें सैनिक स्कूल स्थित हैं। शेष 33%

सीटों को अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बच्चों के लिए अलग रखा जाता है। इसे

श्रेणी की कोई सीट बचती है तो उसे मेरिट की सीटों के साथ मिला दिया जाता है। यह ध्यान

रखें कि किसी उम्मीदवार का जाति प्रमाण- पत्र गलत पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी

रद्द कर दी जाती है। साथ ही नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है।

ये सुविधाएं मिलती हैं इन स्कूलों में

इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद जब बच्चे का दाखिला होता है तो उसे

सैनिक स्कूल में कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। जैसे- रनिंग ट्रैक, क्रॉस कंट्री

ट्रैक, इंडोर गेम्स, परेड ग्राउंड, बॉक्सिंग रिंग्स, फायरिंग रेंज, हॉर्स राइडिंग क्लब,

माउंटेनियरिंग क्लब, हाईकिंग, ट्रैकिंग क्लब,फुटबाल स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम, हॉकी

स्टेडियम, बास्केटबॉल तथा वॉलीबॉल जैसी सभी सुविधाएं। इसके अलावा रहने के लिए

अच्छा कमरा, कपड़ों के लिए लांड्री सुविधा, पौष्टिक व गुणवत्ता वाला भोजन।

 

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हर छात्र को साल में मिलती है 14 हजार रु. सब्सिडी 

 सैनिक स्कूलों के स्टूडेंट्स की दिनचर्या आम स्कूलों जैसी नहीं होती। यहां अनुशासन

का महत्व है। यहां छोटी कक्षाओं से ही बच्चों में नेतृत्व करने की क्षमता विकसित की 

जाती है।

       सैनिक स्कूलों में पढ़ने वाले कैडेट्स अपने माता-पिता की आय के आधार पर राज्य सरकार 

से मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए पात्र होते हैं। राज्य सरकार की ओर से तो छात्रवृत्ति मिलती ही है, केंद्र सरकार भी अलग-अलग राशि की छात्रवृत्ति प्रदान करती है। रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों के बच्चों को 'रक्षा कोटा' में भर्ती कराया जाता है। इन्हें रक्षा मंत्रालय द्वारा एक तय राशि की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। एक नई योजना के तहत सैनिक स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्रों को रक्षा मंत्रालय से सब्सिडी के रूप में प्रति वर्ष 14,000 रुपए भी मिलते हैं। जिन स्कूलों में छात्र बहुत मामूली राशि देकर पढ़ाई कर रहे हैं, वहां लिबरल होकर छात्रवृत्ति की राशि प्रदान की जाती है। जहां छात्र कम हैं, 

उनकी पारिवारिक आय कम है, वहां राज्य सरकार से बोलकर इन्हें और राहत देने का प्रयास किया जाता है।

             सामान्य तौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न

 • मिलिट्री व सैनिक स्कूल में क्या अंतर है?

  - ये दोनों एक-दूसरे से थोड़ा अलग हैं। सैनिक स्कूल बोर्डिंग स्कूल हैं, जबकि

मिलिट्री स्कूल नहीं हैं। सैनिक स्कूल का मुख्य उद्देश्य 12वीं कक्षा के बाद अपने

छात्रों को एनडीए परीक्षा पास करने के लिए तैयार करना होता है, जबकि मिलिट्री स्कूल

अन्य निजी स्कूलों की तरह है।

लड़कियों को प्रवेश की अनुमति है?

- हां, लेकिन कुछ चुनिंदा सैनिक स्कूलों में। लेकिन अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद

नए सत्र से यहां लड़कियों को भी प्रवेश दिया जाएगा। इसकी जानकारी वेबसाइट पर देखें।

सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

     - राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का सामान्य -ज्ञान, करंट अफेयर्स, विज्ञान, खेल व

आपके पाठ्यक्रम संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं।साथ ही छात्र का व्यवहार, बोलने के दौरान :

उसका आत्मविश्वास भी इस दौरान परखा जाता है।

सिर्फ योग्यता परीक्षा पास करने से दाखिला हो जाता है क्या?

    - नहीं। लिखित परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू होता है। फिर मेडिकल फिटनेस

टेस्ट में पास होने पर ही अंतिम मेरिट सूची जारी की जाती है। उसी आधार पर दाखिला

होता है।

प्रवेश परीक्षा कहां होती है?

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आप जिस प्रदेश के स्कूल का चयन करते हैं, वहीं के

परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देनी होती है। आपके एडमिट कार्ड में पूरी जानकारी दर्ज रहती है।

सैनिक स्कूल किस बोर्ड से संबद्ध है?

- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली से।

वार्षिक फीस के अलावा भी कुछ राशि देना पड़ती है क्या?

- आपका दाखिला हो जाता है तो 20 हजार रुपए (कॉशन मनी की तरह) डिपॉडिट

करना पड़ते हैं। आपके शिक्षा पूरी होने पर यह राशि लौटा दी जाती है।

 


                   

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Detail info:Schengen Visa(One Visa for european countries)


एक ही वीसा से आप यूरोप के 26 देश घूम सकते हैं

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     अगर आप हनीमून मनाने के लिए या अपने परिवार के साथ यूरोप घूमने

का टूर प्लान कर रहे हैं तो शेंगेन वीजा आपकी कई मुश्किलें आसान कर देगा। 

इस एक वीसा के दम पर आजादी से यूरोप घूम सकते हैं।    

शेंगेन वीसा 90 दिन के लिए जारी किया जाने वाला एक 'शॉर्ट स्टे' वीसा होता है। इसकी सबसे

बड़ी खासियत यह है कि इस एक ही वीसा के दम पर आप शेंगेन जोन में कवर होने वाले 26

देशों में बिना रोक-टोक घूम सकते हैं। आपको फ्रांस, इटली, जर्मनी, ग्रीस, स्पेन जैसे फेमस

टूरिस्ट डेस्टिनेशंस घूमने के लिए अलग-अलग वीसा अप्लाई नहीं करना पड़ेगा। यूरोप कंट्री के

खूबसूरत देश व शहर घूमने का मजा तब कई गुना बढ़ जाता है जब आपके पास यह वीसा हो।

वैसे, यूरोप में शेंगेन वीसा काफी आम है। शेंगेन जोन में कोई बॉर्डर कंट्रोल भी नहीं है। यह वीसा

बनवाना कठिन काम भी नहीं है। वैसे भी छुट्टियां मनाने के लिए भारतीयों की सूची में शेंगेन क्षेत्र

प्रथम स्थान पर है। स्विट्जरलैंड, फ्रांस, ऑस्ट्रिया जैसे कई अन्य देश शेंगेन की श्रेणी में शामिल हैं।

जिस कारण भारत, यूरोपीय पर्यटन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक बन गया है। भारत

से हर साल एक करोड़ से अधिक भारतीय लोग घूमने के लिए यूरोप जा रहे हैं। यदि आप 90 दिनों

से अधिक समय तक वहां रहना चाहते हैं, तो आपको निवास परमिट प्राप्त करना होगा।

ये हैं शेंगेन क्षेत्र में शामिल देश

ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी,

ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, इटली, लातविया, लिख्टेश्टाइन (जर्मनी का यह क्षेत्र विश्व

में शीतकालीन खेलों के लिए प्रसिद्ध है), लिथुआनिया, लक्सेम्बर्ग, माल्टा, नीदरलैंड,

नॉरवे, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड। इसके

अलावा तीन छोटे यूरोपीय राष्ट्र, मोनाको, सैन मैरिनो और वेटिकन सिटी भी शामिल हैं।

लेकिन, यूनाइटेड किंगडम और आयरलैंड शेंगेन समझौते का हिस्सा नहीं हैं।

ऐसे काम करता है यह

यह एक स्टिकर के रूप में होता है जिसे आपके पासपोर्ट या एक यात्रा दस्तावेज

पर चिपकाया जाता है। यह स्टिकर ही आपको शेंगेन राज्यों में यात्रा करने के

लिए परमीशन का प्रतीक है। आपको प्रवेश तभी दिया जाता है जब आप शेंगेन 

कन्वेंशन द्वारा निर्धारित अन्य शर्ते पूरी कर लेते हैं (जैसे कि यात्रा उद्देश्य, यात्रा 

की शर्ते और आपके पास पर्याप्त धनराशि होना चाहिए)

आवेदन करने का तरीका

आप शेंगेन के जिस देश में जाना चाहते हैं, उस देश के वाणिज्य दूतावास में

आवेदन करें। सभी शेंगेन देश घूमने के लिए भी जानकारी आपको वहीं मिलेगी।

यह दूतावास आपके देश की राजधानी में स्थापित होते हैं। आप जिस देश में 

ज्यादा समय बिताएंगे, उसे 'मुख्य गंतव्य' स्थान कोड किया जाएगा।

 

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   भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए अब यूरोप की यात्रा बेहद आसान हो

सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक शेंगेन राज्यों की तरफ से जल्द ही भारतीय

पासपोर्ट धारकों को प्राथमिकता देकर वीसा प्रदान किया जा सकता है।

आप विश्व के किसी भी देश में जाना चाहते हैं तो आपको पहले वहां के संबंधित वाणिज्य दूतावास

से वीसा लेना पड़ता है। इसके लिए वीसा शुल्क भी चुकाना होता है। शेंगेन देशों ने पर्यटकों को लुभाने

के लिए अपने यहां वीसा फीस बहुत कम रखी है। यानी यहां बहुत कम राशि खर्च कर आपको

कई देश घूमने को मिल जाते हैं। शेंगेन देशों का सोचना है कि जितने ज्यादा पर्यटक आएंगे, उनकी

आय उतनी बढ़ेगी। जब आप शेंगेन वीसा के लिए आवेदन करते हैं तो आपको इस बात का प्रमाण

देना पड़ता है कि आप आर्थिक रूप से इतने सक्षम हैं कि शेंगेन के सभी या चुने हुए कुछ देश घूम

सकने लायक पैसा आपके खाते में है। इसके लिए आपको कन्वर्टिबल करेंसी में कैश, ट्रैवलर्स चेक,

फॉरेन करेंसी अकाउंट के लिए चेकबुक, क्रेडिट कार्ड या कोई अन्य माध्यम जो हार्ड करेंसी में फंड

की गारंटी देता है, के सबूत पेश करने पड़ते हैं, क्योंकि शेंगेन के किसी भी देश में रहने के लिए

एक दिन की प्रति व्यक्ति अनुमानित राशि 60 यूरो है। अतिरिक्त दस्तावेज के लिए उस देश के

दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें जहां आप अपना आवेदन-पत्र जमा कर रहे हैं।

.

टूरिस्ट वीसा के लिए आवेदन करने का तरीका

• शेंगेन वीसा शेंगेन देशों में से एक के हैं, पढ़ने जा रहे हैं तो अपने विश्वविद्यालय

वाणिज्य दूतावास या वीसा केंद्र के माध्यम से स्वीकृति / निमंत्रण पत्र दें।

से जारी किया जाता है। वहां आवेदन करें आवेदन के साथ वीसा शुल्क भी जमा

या ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। कराएं। आपको वीएसी के सेवा शुल्क का

दूतावास / वाणिज्य दूतावास / वीसा भुगतान भी करना पड़ सकता है, जो वीसा

एप्लीकेशन सेंटर (वीएसी) में वीसा के शुल्क में शामिल नहीं है।

लिए आवेदन करने के साथ ही अपना उस स्थिति में जब आवेदक के पास

अपॉइंटमेंट भी बुक करवा लें। अधिकांश नौकरी नहीं है तो बैंक खाते का पर्याप्त

देश ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करते हैं। बैलेंस होने का सबूत देना आवश्यक है।

आवेदन-पत्र के साथ कुछ दस्तावेज सेवानिवृत्त हैं तो पेंशन प्रमाण पत्र की प्रति

जैसे कि पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज, लगाना होगी। नाबालिगों के लिए वीसा के

पासपोर्ट साइज के दो रंगीन फोटो, यात्रा लिए भी दस्तावेज जरूरी हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य या कारण, चिकित्सा आपका आवेदन मंजूर हो जाता है तो

/ यात्रा बीमा (यात्रा करने से पहले यह वीसा आवेदन केंद्र से अपना पासपोर्ट ले

बीमा कराना सभी के लिए अनिवार्य है, लें। कुछ देश इसके लिए 'पासपोर्ट कूरियर

न्यूनतम राशि 35 हजार यूरो), यदि स्टूडेंट सेवा' भी देते हैं।

आपराधिक रिकॉर्ड है तो रद्द हो जाएगा आवेदन 

 पर्यटन के हिसाब से यूरोप का पासपोर्ट-फ्री जोन दुनिया का सबसे बड़ा वीजा-फ्री

ट्रैवल एरिया है। आवेदन के साथ यदि आप सभी शर्ते पूरी करते हैं तो दो से चार 

सप्ताह में आपका वीजा बनकर तैयार हो जाता है।

शेंगेन वीसा हासिल करने के लिए सबसे पहले शेंगेन देश के वाणिज्य दूतावास में आवेदन करना

होता है। इसके बाद दूतावास वाले हमारी सरकारी एजेंसियों के माध्यम से आवेदक के बारे में पूरी

जन्म कुंडली हासिल करते हैं। यदि आवेदक आपराधिक रिकॉर्ड वाला हुआ तो वीसा आवेदन

रद्द कर दिया जाता है। इसके अलावा आवेदक का वर्तमान या पिछला रिकॉर्ड खराब रहा हो, आंतरिक

सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा चुके हों, झगड़ा-बलवा कर

चुके हों, इससे संबंधित कोई केस चल रहा हो, जैसे कारणों के चलते वीसा आवेदन रद्द हो सकता है।

इसके अलावा, फर्जी पहचान-पत्र या अन्य फर्जी दस्तावेज लगाने वाला व्यक्ति गलती

सुधारकर कितनी भी बार आवेदन करे, उसे वीसा नहीं दिया जाएगा। यदि आपने यात्रा का.

मकसद स्पष्ट नहीं किया, इसके साथ ही कई बार बैंक स्टेटमेंट की जरूरत पड़ती है, उनमें

जरा भी गड़बड़ी मिली तो आवेदन रद्द। इसी तरह आवेदक का पासपोर्ट अच्छी हालत में नहीं है या

उसके पेज कटे-फटे हैं तब भी वीजा आवेदन रद्द किया जा सकता है।

वीसा आवेदन रद्द होने के अन्य कारण

👉पासपोर्ट की वैधता : ऐसे पासपोर्ट जिनकी वैधता तीन माह से कम बची

हो, क्योंकि शेंगेन वीजा अधिकतम तीन माह के लिए दिया जाता है। वे

पासपोर्ट जिनमें दो खाली पेज भी न बचे हों, उन पर भी वीजा नहीं लगता।

👉आधे-अधूरे ट्रैवल डॉक्युमेंट : यात्रा की पूरी योजना वीजा आवेदन में नहीं

लिखी जैसे कि किस दिन, कहां रात गुजारेंगे, कैसे यात्रा करेंगे, होटल की

बुकिंग, फ्लाइट टिकट आदि अहम होते हैं। यह चूकने पर भी आवेदन रद्द होगा।

👉वैध रेफरेंस लेटर न होना : आप किसी के आमंत्रण या किसी खास

ट्रिप पर जा रहे हैं, तो रेफरेंस लेटर दिखाना होता है। सही लेटरहेड पर

नाम, पते और अन्य जानकारियों वाला औपचारिक पत्र नहीं दिखाया

तो भी आवेदन रद्द।

👉पर्याप्त पैसे न होना : अगर दूतावास को आपके कागज देखकर लगे कि

शेंगेन देश में रहने के लिए आपके खाते में पर्याप्त राशि नहीं है तो भी

आपको वीसा नहीं मिलेगा।

👉ट्रैवल इंश्योरेंस वैध न होना तथा विवाह या जन्मप्रमाण-पत्र न दिखाना

अगर आपका यात्रा बीमा वैध नहीं है और विवाह अथवा जन्म प्रमाण-पत्र के 

दस्तावेज सरकारी नहीं हैं तो भी वीसा नहीं लगेगा। (धार्मिक दस्तावेज या किसी 

क्षेत्रीय भाषा में लिखा प्रमाण-पत्र भी मान्य नहीं होगा)।

👉पुराना शेंगन रिकॉर्ड : इसके अलावा आपकी पुरानी यात्राओं का इतिहास

गड़बड़ पाया गया, जैसे कानून पालन नहीं करना, मिस बिहेवियर, समय से

अधिक रुकना जैसे कारण पाए जाने पर भी वीसा रद्द होगा।

 

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कुछ देश 14 वर्ष के बच्चों का वीसा शुल्क नहीं लेते

जो लोग आपात स्थिति में शेंगेन क्षेत्र की यात्रा करते हैं या जिनके पास वैध 

दस्तावेज नहीं होते, उन्हें यूएसवी प्रणाली के तहत विशेष तरह का कुछ दिन 

वाला वीसा जारी किया जाता है। घुसपैठ के मामलों में वीसा नहीं मिलता।

यदि आप यूरोप के टूर पर जा रहे हैं और आपका बच्चा छह वर्ष के अंदर की

आयु का है तो उसकी वीसा फीस नहीं लगेगी। शेंगेन के कई देश इतने कम आयु

के बच्चों को राहत देते हैं। ऐसे राज्यों में जर्मनी, पोलैंड, स्वीडन, ऑस्ट्रिया

और अन्य कई देश शामिल हैं। वहीं, फिनलैंड, स्विट्जरलैंड, बेल्जियम

और हंगरी के वाणिज्य दूतावास 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई

शुल्क नहीं लेते हैं, बशर्ते कि उनका नाम अपने माता-पिता के पासपोर्ट में

लिखा हुआ हो। इसके विपरीत, इटली, डेनमार्क, फ्रांस, नीदरलैंड्स सभी आयु

वर्ग के बच्चों के लिए एक मिनिमम तय शुल्क लेते हैं, यदि बच्चों का अपना

पासपोर्ट है तो। इस तरह की छूट की विस्तृत जानकारी संबंधित शेंगेन राज्य

दूतावास/वाणिज्य दूतावास या उनकी वेबसाइट या वीसा एप्लीकेशन सेंटर की

वेबसाइट से पाप्त की जा सकती है। 

सामान्य तौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न

☝ वीसा शुल्क का भुगतान कैसे होगा?- अधिकांश दूतावासों में भुगतान स्थानीय

मुद्रा में किया जाता है। कुछ वाणिज्य दूतावास क्रेडिट कार्ड भुगतान भी स्वीकार करते हैं।

भारत में किसी शेंगेन देश का दूतावास न होतो? -शेंगेन में शामिल किसी भी राज्य के दूतावास

को आप आवेदन कर सकते हैं। वह सभी देशों का प्रतिनिधित्व करता है।

☝ दूतावास को कितना समय लगता? -15 दिन में आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।

व्यक्तिगत मामलों में अधिकतम 30 दिन लगते हैं। जब आवेदक के बारे मैं और जांच की

जरूरत हो तो 60 दिन तक लग सकते हैं।

☝ क्या मैं शेंगेन क्षेत्र छोड़ने के बाद दोबारा वहां लौट सकता हूं?

- शेंगेन वीसा एकल प्रवेश या कई बार प्रवेश करने की अनुमति देता है। एकल प्रवेश वीजा

के साथ आप एक बार प्रवेश कर सकते हैं। इसी तरह दो या कई प्रविष्टियों के लिए वीजा

की अनुमति आपके पास है तो आप इस वीजा की वैधता खत्म होने से पहले दो बार या कई.

बार प्रवेश कर सकते हैं।

क्या मेरा वीसा बढ़ाया जा सकता है? - शेंगेन देशों के नियम के तहत वीसा केवल

तभी बढ़ाया जा सकता है जब आप अपने तय दिनों से कम समय तक शेंगेन क्षेत्र में रहे हों

और आपकी अवधि समाप्त नहीं हुई हो। वैसे आप जीवन में हर बार नया वीसा प्राप्त कर

यूरोप घूम सकते हैं।

☝ वीसा देने से मना कर दिया जाए तो?- ऐसे आवेदकों को उस संबंधित राज्य के

खिलाफ अपील करने का अधिकार है। 

☝ आवेदन गलत भरा हो तो क्या करें? - एक नया फॉर्म भरना होगा, जिसमें बगैर

काटछांट के पूरी जानकारी सही-सही भरें।

              


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