Pan card -1

PAN card is your identity in financial transactions

Hi! Guys..we are back with new episodes.We will talking about PAN CARD and various topics related to it in this given new series.
 

सुप्रीम कोर्ट                     
pan-card
के आदेश के
मुताबिक इनकम
टेक्स रिटर्न
फाइलिंग के दौरान
आपका आधार
कार्ड, पैन कार्ड
के साथ लिंक
होना जरूरी है।
ऐसा नहीं होने की
सूरत में आपका
आईटीआर प्रोसेस
नहीं होगा।
सरकारी कामकाज का तरीका बदल गया है।
जगह-जगह आपको दस्तावेज दिखाने पड़ते
हैं। इसमें सबसे जरूरी है पैन कार्ड। जिस
तरह आधार कार्ड आपके लिए जरूरी है, उसी
तरह पैन कार्ड भी बहुत जरूरी है। PAN
यानी परमानेट अकाउंट नंबर वाला यह कार्ड
आपके वित्तीय लेन-देन और आईडी प्रूफ के
तौर पर बड़ी भूमिका निभाता है। जब बड़ी
राशि का लेन-देन होता है तो लेने और देने
वाला इसका एक रिकॉर्ड रखता है जो वर्तमान
में बगैर पैन कार्ड के संभव नहीं। आपके
इस अकाउंट नंबर के माध्यम से सरकार के
पास भी रिकॉर्ड रहता है कि आप आयकर
अदा की हुई राशि से ही लेन-देन कर रहे हैं।
बड़े ट्रांजेक्शन में पैन कार्ड नंबर दर्ज होने से
आपसे कोई पूछताछ नहीं होगी।

   पैने या स्थायी खाता संख्या 10 अंकों वाला
एक अल्फान्यूमेरिक पहचान संख्या है, जिसे
आयकर विभाग जारी करता है। अगर आपने
दो पैन बनवाए हैं तो आपके ऊपर आयकर
अधिनियम 1961 की धारा 272-बी के तहत
10000 रुपए का शुल्क लगाया जा सकता है।
आयकर विभाग के अनुसार, पैन कार्ड के लिए
ऑनलाइन आवेदन एनएसडीएल (नेशनल     
सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) और     
यूटीआईटीएसएल (यूटीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर     
टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लि.) की वेबसाइट
के जरिये किए जा सकते हैं । पैन कार्ड बनाने   
के लिए कई बार आपको चक्कर काटने पड़ते
हैं और सरकार द्वारा तय शुल्क से ज्यादा खर्च
करना पड़ता है।

 

pan-card


       इसलिए जरूरी है पैन कार्ड 

⧭  विदेशी मुद्रा का लेन-देन करते समय,       
     टेलिफोन के लिए आवेदन करते समय,
⧭  बैंक अकाउंट खोलने, टैक्स का भुगतान,
     टीडीएस कटौती से लेकर 5 लाख या
     उससे अधिक की अचल संपत्ति खरीदने
     तक पैन जरूरी है। पैन के जरिये करदाता
     अपने लेन-देन को लिंक कर सकता है।
⧭  किसी वित्तीय संस्थान में टाइम डिपॉजिट
     या फिक्स्ड डिपॉजिट 50,000 रुपए से
     अधिक की धनराशि जमा कराने की सूरत
     में, वहीं पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट
    'में भी 50,000 से अधिक की नकदी जमा
     कराने पर पैन का उल्लेख करना होता है।
⧭  होटल एवं रेस्तरां में 25,000 रु. से अधिक
    के बिल के लिए भी यह अनिवार्य है।
⧭ आयकर विभाग के मुताबिक बैंक ड्राफ्ट
    की नकद खरीद, पे ऑर्डर या एक दिन में
    50,000 या उससे अधिक के बैंकर्स चेक
    के लिए भी पैन लगता है।
⧭  क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड प्राप्त करने के
     लिए भी यह जरूरी है।
⧭  एक लाख से अधिक कीमत वाली
     सिक्योरिटी की खरीद और म्यूचुअल
    फंड्स यूनिट्स की खरीद पर किए जाने
    वाले 50,000 रुपए या इससे अधिक के
    भुगतान पर भी पैन कार्ड की जानकारी
   देनी होती है।
⧭ आप किसी कंपनी के डिबेंचर या बॉण्ड
    खरीदने के लिए भी इतना ही पेमेंट कर रहे
    हैं तो भी यह जरूरी है।

                Thanks for visiting!!! Stay tuned for more information....

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*Note:- Given information as per government regulations&act, all numeric value can be change as per income tax act.(income tax's rules&regulation slab change every year.)

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