Health Insurance-1:Detail info

Hi! there, hello friends how r u..hope u will all fine in this covid-19 lockdown situation...guys! we are back with new & fresh series of HEALTH INSURANCE.

WE KNOW  WHAT'S THE IMPORTANCE OF HEALTH IN OUR LIFE, SPECIALLY IN THIS CORONA VIRUS PANDAMIC. WE ARE ALL WITH U WITH BEST WISHES OF GOOD HEALTH. IN THIS REGARDING VIEW WE PRESENT THIS HEALTH INSURANCE SERIES.IN THIS SERIES U ARE GOING TO FIND ALL FRUITFUL KNOWLEDGE & INFORMATION FULL REGARDING THIS TOPIC.HOPE U WILL ENJOY AND LIKE THIS EDUCATIONAL JOURNEY.

CHECK CLAIM RATIO BEFORE CHOOSING PLOICY

स्पताल में भर्ती होने के दौरान किए गए खर्चों के विरुद्ध आपकी और आपके परिवार की आर्थिक सुरक्षा करने वाली योजना है स्वास्थ्य बीमा।यह पॉलिसी आप
अपनी जरूरतों और बजट के अनुरूप ले सकते हैं।

 

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 जीवनशैली में परिवर्तन, प्रदूषित  वातावरण के साथ ही खान-पान में अनियमितता के चलते

आज हर व्यक्ति किसी न किसी छोटी-बड़ी बीमारी से ग्रस्त है। यदि आपके पास हेल्थ

इंश्योरेंस है तो इलाज कराने में जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। हेल्थ इंश्योरेंस, इसे लेने

वाले को बीमारी, दुर्घटना या मृत्यु आदि स्थिति  में आर्थिक सहायता देता है। आप किसी भी

कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि उस कंपनी का क्लेम

रेशो क्या है। यानी वह कंपनी कितने प्रतिशत पॉलिसीधारकों का क्लेम मंजूर करती है। यदि

आपको हेल्थ इंश्योरेंस चाहिए तो कितने हजार या लाख रुपए की कीमत के बीमा कवर की

आपको आवश्यकता है, इसका भी आकलन कर लेना चाहिए। यदि गंभीर रोग के लिए बीमा

कवर लेना चाहते हैं तो यह भी जरूर पता कर लें कि कौन-कौन सी बीमारियों का बीमा

कितने रुपए में कवर होता है और सालाना कितनी राशि प्रीमियम के रूप में आपको जमा

करनी पड़ सकती है। वैसे स्पिलिटिंग पॉलिसी आपके लिए लाभदायक हो सकती है। कीमत

के लिहाज से,परिवार के सबसे बडे सदस्य के लिए अलग से पॉलिसी ली जा सकती है।वैसे सामान्यतः सभी बीमा कंपनियां बीमाधारक के साथ, उसकी पत्नी व दो बच्चों को एक ही पॉलिसी में कवर करती हैं। वहीं, कुछ पॉलिसी में आप पर आश्रित माता-पिता को भी कवर किया जाता है, लेकिन उसकी सालाना प्रीमियम काफी अधिक होती है। यह प्रीमियम उम्र के  पड़ाव के हिसाब से अलग-अलग होती है।

ऐसे होता है निर्धारण

पॉलिसी की टोटल कवरेज कीमत का निर्धारण, परिवार के लोगों की संख्या (जिन्हें इस

पॉलिसी के माध्यम से कवर करना है), धारक की बीमारी, साथ ही वर्तमान में विभिन्न स्रोत

मिलने वाले कवरेज को ध्यान में रखकर होती है। पॉलिसी लेने वाले के लिए यह जरूरी

कि वह परिवार के लिए ली जाने वाली पॉलिसी के साथ, स्वयं की स्वास्थ्य बीमा पॉलिस

भी खरीदे। वेतनभोगी लोगों को यह बताना जरूरी है कि उनके ऑफिस द्वारा दिया जाने वाला

हेल्थ इंश्योरेंस तभी तक मान्य होता है, जब तक वह वहां नौकरी कर रहा होता है।

इसलिए जरूरी है यह स्कीम

हर कोई व्यक्ति विभिन्न तरह के स्वास्थ्य खतरों से घिरा हुआ है। यदि आपके पास स्वास्थ्य

बीमा नहीं है और आप अस्पताल में भर्ती किए जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में आपको अपनी जेब

से भारी बिलों का भुगतान करना पड़ सकता है। इसका मतलब साफ है कि आपकी बचत

शून्य हो जाएगी। यदि आपके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं, तो आपको अपना

उपचार कराने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में स्वास्थ्य बीमा आपके

बचाव में, आपकी आर्थिक सहायता के रूप में सामने आता है।

NO CLAIM BONUS IS ALSO AVAILABLE ON HEALTH INSURANCE


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दिनोंदिन बढ़ती चिकित्सा लागत और अनिश्चित वातावरण  के कारण अब हर परिवार 

को हेल्थ  इंश्योरेंस लेना  आवश्यक हो गया है। स्वास्थ्य इमरजेंसी  आने पर आप  

निश्चित होकर  इलाज करवा  सकेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मेडिकल इमरजेंसी के

मामले में लगभग 80 फीसदी केस पैसे न होने की दिक्कत की वजह

से बिगड़ जाते हैं। किसी दुर्घटना की स्थिति में न सिर्फ इलाज पर आपको

बेहिसाब पैसे खर्च करने पड़ते हैं, बल्कि आपका मनोबल गिर जाता है,

दुर्घटना की वजह से लंबी छुट्टी लेने से इनकम रुक जाती है। दुर्घटनाग्रस्त

व्यक्ति पर दोहरी मार पड़ती है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस आपके लिए मददगार

साबित होता है। इसके लिए आपको सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लान ही लेना

चाहिए। आप नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा प्रीमियम चुकाकर अपने

व परिवार के लिए मेडिकल खर्च की व्यवस्था कर सकते हैं। आपको ऐसी

पॉलिसी.लेनी चाहिए, जिसे जीवन में किसी भी समय रिन्यू कराया जा सके।

हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ अहम बातें हम आपको यहां बता रहे हैं।

❤ पूंजी बर्बाद होना न मानें: कुछ लोग मेडिक्लेम या हेल्थ इंश्योरेंस लेने को पैसा

बर्बाद करना मानते हैं, जो कि गलत है। इमरजेंसी के वक्त यही प्लान आपके जीवन

की रक्षा करता है। साथ ही आपका बजट बिगड़ने नहीं देता। जरा सा प्रीमियम चुकाने

के बाद 5-7 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना आपकी समझदारी होगी।

❤ देखें, समझें फिर लें: हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले संबंधित कंपनी की शर्ते ठीक से समझें।

गंभीर बीमारी, पहले से मौजूद बीमारी और एक्सीडेंट के मामले में कंपनी कितना हेल्थ

कवर देती है, इसे समझकर ही प्लान लें।

❤ रिन्यू कराते रहें, बोनस मिलेगा: अगर आप 40 साल की उम्र से पहले हेल्थ कवर लेते हैं

तो आपको बिना शर्त ज्यादा फायदा मिलता है। युवावस्था में बीमारियां कम होती हैं। इस

लिहाज से बीमा देने वाली कंपनियां उनके लिए प्रीमियम भी कम रखती हैं। प्रति वर्ष इसे रिन्यू

करते रहने से आपको ' नो क्लेम बोनस' का लाभ मिलता रहेगा जो आगे काम आएगा।

❤ सही जानकारी दें: हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय अपने मेडिकल रिकॉर्ड के बारे में सही

जानकारी दें। पुरानी बीमारी को छिपाएं नहीं। यदि आपने कुछ छिपाया या गलत जानकारी

दी तो बीमा कंपनी इलाज शुरू होने से पहले ही हाथ खींच सकती है या बाद में आपको क्लेम

देने से मना कर सकती है। पुरानी बीमारी है तो आपको कुछ अधिक प्रीमियम चुकाना पड़े,

लेकिन फिर भी आप फायदे में रहेंगे। 

❤ क्या कवर होगा और क्या नहीं, इसे समझ लें:

हर बीमा कंपनी के अपने नियम होते हैं, उसी हिसाब से वे पॉलिसी बनाती हैं। हेल्थ पॉलिसी

खरीदने से पहले यह समझ लें कि उसमें कितना और क्या आर्थिक कवर मिलेगा?

❤ लिमिट या सब लिमिट वाला प्लान न लें: अस्पताल में प्राइवेट रूम के किराए जैसी

लिमिट से बचें। आपके लिए यह जरूरी नहीं है कि इलाज के दौरान आपको किस कमरे में

रखा जाए। खर्च के लिए कंपनी द्वारा लिमिट या लिमिट तय करना आपके लिए ठीक नहीं

है सब। पॉलिसी लेते समय इस बात का ध्यान रखें।


WAITING PERIOD IS FOR BENEFIT IN MANY DISEASES


स्वास्थ्य बीमा में एक निश्चित
सीमा तक या एक निश्चित लाभ
के आधार पर खर्च की प्रतिपूर्ति
शामिल रहती है। यहां बीमाकर्ता
हेल्थ कवर के लिए एक निश्चित राशि
अदा करता है, भले ही इलाज का खर्च
जो भी हो।

भारत के बीमा उद्योग में 53 बीमा कंपनियां शामिल हैं, जिनमें से 24 जीवन बीमा व्यवसाय

में हैं और 29 गैर-जीवन बीमाकर्ता हैं। कई बार हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले लोगों को बाद में पता

चलता है कि जिस बीमारी के लिए उन्होंने क्लेम किया वह बीमा कवर के दायरे में नहीं आती है।

या उस बीमारी पर एक निश्चित वेटिंग पीरियड है। ऐसा पॉलिसीधारकों में जागरूकता की कमी

के कारण होता है। इस पॉलिसी को लेने का मकसद यही है कि व्यक्ति को वित्तीय मदद तब

उपलब्ध कराई जाए, जब उसे पैसों की जरूरत हो। एक बात और, जिस भी कंपनी से आप

हेल्थ इंश्योरेंस करवाते हैं, वह आपको कई तरह की सेवाएं देने के लिए बाध्य रहती है। इसमें

मिलने वाली सेवाएं प्रमुख हैं, जैसे कि- एंबुलेंस सेवा, अस्पताल में भर्ती की प्रोसेस, बिना

भुगतान किए उपचार की सुविधा, भर्ती होने से पहले और बाद का कवरेज, ट्रांसपोर्टेशन

खर्च, नो क्लेम बोनस (एनसीबी), फ्री मेडिकल चेकअप, टैक्स में छूट का लाभ,

मुफ्त लेबोरेटरी जांच, मुफ्त डॉक्टरी जांच व अन्य आपातकालीन सेवाएं आदि।

❤ चिकित्सा खर्च के विरुद्ध कवरेजः इसका मुख्य उद्देश्य आपके वित्त पर बिना किसी

तनाव के सर्वश्रेष्ठ इलाज तथा देखभाल करना शामिल है। इसमें अस्पताल में भर्ती

होने के खर्च, दिन-रात की देखभाल और एंबुलेंस शुल्क शामिल हैं।

❤ गंभीर बीमारियों के खिलाफ कवरेजः कई कंपनियां गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान

करती हैं। इस तरह की पॉलिसी किडनी फेल्योर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, स्ट्रोक

और अंदरूनी अंगों की हानि जैसी अन्य बीमारियों के खिलाफ कवर देती है।

❤ कैशलेस क्लेम का फायदाः इस तरह की व्यवस्था में अस्पताल तथा संपूर्ण इलाज

का खर्च आपके बीमाकर्ता और अस्पताल के बीच तय होता है। कैशलेस सुविधा 

लेने से आप पर कोई भार नहीं आता।

❤ परिवार स्वास्थ्य बीमा योजनाः इसमें एक पॉलिसी में परिवार के सभी सदस्यों का

बीमा कराया जाता है। इसके लिए एक निश्चित राशि चुकानी पड़ती है।

❤ निजी दुर्घटना बीमाः इसका प्रीमियम इस  बात पर निर्भर करता है कि आप कवर के रूप में कितनी राशि चाहते हैं।

❤ संबद्ध लाभ मिलता है: कुछ बीमा कंपनियां हेल्थ कवर देने के साथ टाईअप, स्वास्थ्य

सेवाओं पर डिस्काउंट कूपन और डॉक्टरों के साथ मुफ्त परामर्श का लाभ भी देती हैं।


आयकर मुक्त है यह पॉलिसी 

भुगतान किए गए प्रीमियम आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80-डी के तहत आयकर से मुक्त है। यदि आपकी आयु 60 वर्ष से कम है तो आप अपने, अपने पति या पत्नी के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 25,000 रुपए तक कर लाभ का दावा कर सकते हैं। आश्रित बच्चों और माता-पिता के लिए 25,000 रुपए  का अतिरिक्त कर लाभ भी उठा सकते हैं। यदि आपके माता-पिता में से कोई एक वरिष्ठ नागरिक है तो आप अधिकतम 30,000 कर लाभ का दावा कर सकते हैं।

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PART-2

coming-soon

NOTE:- ALL INFORMATION IS FOR EDUCATIONAL PURPOSES, TECH KNOWLEDGE BOOSTER/LEARNER'S KNOWLEDGE BOOSTER IS NOT RESPONSIBLE FOR ANY HEALTH INSURANCE PLAN OR CLAIM,WE ARE NOT RECOMMEND TO TAKE INSURANCE POLICY OF ANY KIND. DECISION IS IN YOUR HAND.

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